संसद परिसर में योगाभ्यास करते सांसद अनिल बलूनी
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सांसद अनिल बलूनी ने संसद परिसर में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विभिन्न दलों के सांसदों के साथ योगाभ्यास किया। योग दिवस के अवसर पर सांसदों ने स्वस्थ जीवनशैली और योग के महत्व का संदेश दिया।
योग भारत की प्राचीन विरासत
सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है और व्यक्ति को स्वस्थ, सकारात्मक तथा अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की वह धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और शांति का मार्ग दिखाया है।

प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से मिली वैश्विक पहचान
अनिल बलूनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों के कारण योग आज एक वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। दुनिया के करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ और संतुलित जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की इस प्राचीन परंपरा को आज विश्वभर में सम्मान और स्वीकार्यता मिल रही है।
योग को बनाएं दैनिक जीवन का हिस्सा
सांसद अनिल बलूनी ने लोगों से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
