यदि आपको भी किसी मोबाइल नंबर से इस तरह के धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों से रिकवरी एजेंट्स की गुंडगर्दी की खबरें लगातार मिलती रहती है। हालाही का एक मामला नोएडा से सामने आया है।
नोएडा में एक पीड़ित के द्वारा भेजे गए नंबर 9205177669 के अलावा और कई नंबरों से खुद को बैंक या रिकवरी एजेंट बताकर लोगों को डराने, दबाव बनाने और भुगतान के लिए मजबूर करने की शिकायतें सामने आई हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कोई रिकवरी एजेंट आपको इस तरह धमका सकता है
जवाब है – नहीं।
RBI के नियम क्या कहते हैं?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के स्पष्ट दिशानिर्देश हैं कि कोई भी रिकवरी एजेंट:
- धमकी नहीं दे सकता
- गाली-गलौज नहीं कर सकता
- मानसिक दबाव नहीं बना सकता
- परिवार, रिश्तेदार या पड़ोसियों को परेशान नहीं कर सकता
- आपके किसे रिश्तेदार को कॉल नहीं कर सकता
- आपकी गैर मौजूदगी या जबरदस्ती आपके घर नहीं आ सकता है
यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक का एजेंट बताता है, तो उसके पास:
- वैध पहचान पत्र (ID Card)
- बैंक या रिकवरी एजेंसी का प्राधिकरण पत्र (Authorization Letter) होना जरूरी है।
चैट में इस्तेमाल की गई भाषा पर सवाल
इस चैट को ध्यान से देखिए, ये चैट नोएडा के एक पीड़ित के द्वारा भेजा गया है। जिसमें देखिए कैसे एक रिकवरी एजेंटस बताना वाला शख्स बातचीत कर रहा है। चैट को भाषा बहुत ही आमर्यादित है। जबकि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कोई भी रिकवरी एजेंट्स कर नहीं सकता है।

हो सकता है कि आपके पास भी इस तरह के मैसेज आएं, पीड़ित द्वारा साझा की गई चैट में खुद को बैंक का रिकवरी एजेंट बताने वाला व्यक्ति बेहद आक्रामक और धमकीपूर्ण भाषा का इस्तेमाल करता दिखाई देता है। तो सबसे पहले तो ऐसे व्यक्ति से उनकी पहचान पूछे, बगैर पहचान पूछे और वैलिड डॉक्यूमेंट्स के बगैर आप ऐसे लोगों को अपनी कोई भी जानकारी साझा ना करें। इसी व्यक्ति का एक दूसरा चैट भी देखिए।

“30 मिनट में पुलिस लेकर आ रहा हूं”
चैट के एक अन्य हिस्से में कथित एजेंट धमकी दे रहा है कि 30 मिनट में पुलिस लेकर आ रहा है। कानूनी जानकारों के अनुसार, किसी क्रेडिट कार्ड या लोन बकाया का मामला सामान्यतः एक वित्तीय/सिविल प्रकृति का विषय होता है। केवल बकाया भुगतान होने भर से कोई रिकवरी एजेंट पुलिस लेकर पहुंचने का अधिकार नहीं रखता।
पीड़ित पक्ष ने इस लेकर यूपी डीजीपी को मेल कर शिकायत कर दी। हमने इस बारे में पड़ताल की तो पता चला कि पुलिस ने मामले पर संज्ञान ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

क्या केवल व्हाट्सएप मैसेज भेजकर पैसा मांगा जा सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार केवल व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर किसी व्यक्ति को डराना या भुगतान के लिए मजबूर करना वैध रिकवरी प्रक्रिया नहीं माना जाता।
यदि कोई व्यक्ति बार-बार:
- घर पर लोगों को भेजने की धमकी दे
- पुलिस कार्रवाई का डर दिखाए
- रिश्तेदारों को कॉल करने की बात करे
- लगातार मानसिक दबाव बनाए तो यह गंभीर मामला हो सकता है।
सबसे पहले क्या करें?
यदि आपको भी इस नंबर 9205177669 या ऐसे ही किसी अन्य नंबर से ऐसे संदेश मिल रहे हैं तो:
1. पहचान मांगिए
पूछिए:
- आपका पूरा नाम क्या है?
- आप किस बैंक से हैं?
- आपका कर्मचारी आईडी नंबर क्या है?
- Authorization Letter भेजिए।
2. स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें
- व्हाट्सएप चैट
- कॉल लॉग
- ऑडियो रिकॉर्डिंग (यदि उपलब्ध हो)
सब सुरक्षित रखें।
3. संबंधित बैंक से लिखित पुष्टि लें
बैंक से पूछें:
“क्या ये नंबर 9205177669 या कोई अन्य नंबर आपके बैंक या अधिकृत रिकवरी एजेंसी से संबंधित है?”
यदि बैंक लिखित रूप से मना कर देता है, तो यह आपके लिए महत्वपूर्ण सबूत बन सकता है।
शिकायत कहां करें?
यदि धमकी जारी रहती है, तो शिकायत की जा सकती है:
- साइबर क्राइम पोर्टल: www.cybercrime.gov.in
- साइबर हेल्पलाइन: 1930
- RBI Integrated Ombudsman: cms.rbi.org.in
- संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी
- स्थानीय पुलिस या साइबर सेल
क्या कोई रिकवरी एजेंट आपके ऑफिस में आकर आपको परेशान कर सकता है?
कई लोगों को खुद को बैंक या रिकवरी एजेंट बताने वाले लोगों से धमकी मिलती है कि अगर भुगतान नहीं किया गया तो वे उनके ऑफिस पहुंच जाएंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कोई रिकवरी एजेंट आपके कार्यस्थल या ऑफिस में जाकर आपको परेशान कर सकता है?
किसी भी बैंक या रिकवरी एजेंट को ऐसा कोई अधिकार नहीं है कि वह किसी व्यक्ति को उसके कार्यस्थल पर अपमानित करे, दबाव बनाए या सहकर्मियों के सामने उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाए।
क्या ऑफिस विजिट कभी हो सकती है?
यदि कोई व्यक्ति उपलब्ध नहीं है और बैंक की ओर से कोई अधिकृत प्रतिनिधि संपर्क करने आता भी है, तो उसे केवल शिष्टाचार और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। वह किसी प्रकार का दबाव, धमकी या सार्वजनिक अपमान नहीं कर सकता।
कर्ज की वसूली का अधिकार किसी को भी आपकी गरिमा, गोपनीयता और सम्मान को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं देता। बैंक और रिकवरी एजेंट कानून तथा RBI के दिशानिर्देशों के दायरे में रहकर ही कार्रवाई कर सकते हैं।
