भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने भारतीयों को विशेष शुभकामनाएं दीं। हाथ में तिरंगा लेकर जारी किए गए वीडियो संदेश में उन्होंने भारत-रूस के दशकों पुराने अंतरिक्ष सहयोग और साझा उपलब्धियों को याद किया।
रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने कहा कि भारत और रूस के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों की मित्रता का मजबूत आधार रहा है। उन्होंने भारतीय नागरिकों के लिए शांति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वीडियो संदेश में अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव ने कहा कि इस वर्ष दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन की ऐतिहासिक अंतरिक्ष उड़ान के 65 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। उन्होंने 1961 में भारत की यात्रा का उल्लेख करते हुए गागरिन के उस प्रसिद्ध कथन को याद किया कि “भारत अंतरिक्ष से खूबसूरत दिखाई देता है, लेकिन धरती पर यह सच्चे दोस्तों का घर होने के कारण और भी सुंदर है।

आर्यभट्ट और राकेश शर्मा का भी किया जिक्र
रूसी दल ने भारत-रूस अंतरिक्ष सहयोग की प्रमुख उपलब्धियों को याद करते हुए बताया कि 1975 में सोवियत संघ ने भारत के पहले उपग्रह ‘आर्यभट्ट’ का प्रक्षेपण किया था। इसके बाद 1984 में राकेश शर्मा सोयुज टी-11 अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बने, जिसने दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई दी।
गगनयान मिशन में भी रूस का सहयोग
रूसी अंतरिक्ष यात्री अन्ना किकिना ने कहा कि दोनों देशों का सहयोग अब भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन के साथ नए चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि भारतीय गगनयात्रियों ने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जो इस साझेदारी का नया अध्याय है। रूसी अंतरिक्ष यात्रियों का यह संदेश भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता और अंतरिक्ष सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है।
