
उत्तराखण्ड के राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (रि.) ने कुवांवाला में आयोजित ‘Drug-Free Youth: The Future of a Developed India’ युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रहने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत की शुरुआत उस युवा से होती है, जो नशे की जगह अपने उद्देश्य और भविष्य को चुनता है। उन्होंने कहा कि जब कोई युवा नशे से दूर रहने का निर्णय लेता है तो समाज की जिम्मेदारी है कि वह उसके इस संकल्प के साथ खड़ा रहे।

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘Drug-Free Youth, Developed India’ अभियान का उल्लेख करते हुए युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में असाधारण ऊर्जा और क्षमता है तथा शिक्षा, खेल, योग, कौशल विकास, नवाचार और सार्थक अवसरों के माध्यम से इस ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।

राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा सही दिशा में लगे तो वे न केवल अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे की लत से संघर्ष कर रहे व्यक्ति का उपहास करने के बजाय उसे सहयोग और समझ की जरूरत होती है। एक बातचीत, मदद का हाथ और समय पर पेशेवर सहायता किसी व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती है। राज्यपाल ने कहा कि परिवार, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, पुलिस, सामाजिक संगठन और युवा स्वयं नशामुक्ति के सामूहिक अभियान में भागीदार बनें। उन्होंने युवाओं के बीच नशामुक्त समाज के लिए दिखाई दे रहे संकल्प को विश्वास बढ़ाने वाला बताया।
युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा और खेल के साथ योग, कौशल विकास तथा नवाचार युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के प्रभावी माध्यम हैं। युवाओं को ऐसे अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है, जहां वे अपनी क्षमता का उपयोग रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में कर सकें।
नशे से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को समाज से दूरी और उपेक्षा नहीं, बल्कि सहयोग की आवश्यकता होती है। परिवार और समाज यदि समय रहते संवाद करें तथा जरूरत पड़ने पर पेशेवर सहायता उपलब्ध कराएं तो किसी व्यक्ति को नशे की गिरफ्त से बाहर आने में मदद मिल सकती है।
