देहरादून: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों और राष्ट्र निर्माण में अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी महान व्यक्तित्वों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और वीर बलिदानियों के साहस एवं त्याग की बदौलत आज देशवासी स्वतंत्र भारत में गर्व के साथ जीवन जी रहे हैं। उनका संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार ही नहीं, बल्कि इसके साथ राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। आज का यह पावन दिवस हमें संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम ऐसा भारत बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें, जो स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के योग्य हो और जिसे आने वाली पीढ़ियां गर्व के साथ विरासत के रूप में स्वीकार करें।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
राज्यपाल ने कहा कि देश वर्ष 2047 की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को ‘नेशन फर्स्ट’ यानी राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को अपना सामूहिक संकल्प बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति, शिक्षा, नवाचार, कौशल और अनुसंधान देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन क्षमताओं का प्रभावी उपयोग करते हुए भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध, नशामुक्त और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
ले. ज. गुरमीत सिंह ने कहा कि देश की वास्तविक प्रगति ही उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों और बलिदानियों के प्रति सबसे सार्थक श्रद्धांजलि होगी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
उन्होंने देशवासियों से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
