
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में टिहरी, देहरादून, उत्तरकाशी, चकराता और कालसी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सुना तथा संबंधित अधिकारियों को उनके यथासंभव त्वरित समाधान के निर्देश दिए। संवाद के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी जरूरतों और समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनसमस्याओं को गंभीरता से लेने और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। मुख्यमंत्री ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान ने समानता, सामाजिक न्याय और प्रत्येक नागरिक को समान अवसर उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के आदर्श समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप समाज के सभी वर्गों के कल्याण, सम्मान और समग्र विकास के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने जनसंवाद को जनता की अपेक्षाओं को समझने और समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने संवाद में शामिल लोगों से मिले स्नेह और आत्मीयता के लिए आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामने आई समस्याओं पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं, ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ मिल सके।
