15 अगस्त… वो तारीख, जो हर भारतीय के लिए गर्व, सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक है। देश की आजादी के 80वें वर्ष में एक बार फिर पूरा हिंदुस्तान तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया।
देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कहीं तिरंगा शान से लहराया, तो कहीं देशभक्ति के गीतों ने माहौल को राष्ट्रप्रेम से भर दिया। स्कूलों, संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और आवासीय सोसाइटियों में आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आजादी के इस महापर्व पर बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए न सिर्फ भारत की विविधता दिखाई, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को भी याद किया।
कुछ ऐसा ही नजारा नोएडा की Eldeco Amantaran Society में भी देखने को मिला। यहां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बच्चों ने अपनी शानदार और रंगारंग प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
किसी ने देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुति दी, तो किसी ने नृत्य के जरिए देश की संस्कृति और एकता का संदेश दिया। बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास ने वहां मौजूद हर शख्स को प्रभावित किया। बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी ने अपने अंदाज में तिरंगे के प्रति सम्मान और देश के प्रति गर्व का परिचय दिया। समारोह का यह रंगीन और देशभक्ति से ओत-प्रोत अंदाज पूरे माहौल को और भी खास बना रहा था।

नन्हे कलाकारों की प्रस्तुतियों में कहीं भारत की सांस्कृतिक विविधता की झलक दिखाई दी, तो कहीं देश के वीर जवानों और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान का भाव। मंच पर जब तिरंगे के रंगों के साथ देशभक्ति की धुन गूंजी, तो पूरा माहौल ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।
स्वतंत्रता दिवस के जश्न में शामिल लोग भी तिरंगे के रंगों में सजी-धजी पोशाकों में नजर आए। किसी ने तिरंगे की थीम वाली ड्रेस पहनी, तो किसी ने तिरंगे के रंगों से अपने लुक को सजाया। उनके परिधानों में केसरिया, सफेद और हरे रंग की खूबसूरत झलक दिखाई दी। चेहरे पर देशभक्ति का उत्साह और दिल में राष्ट्रप्रेम का जज्बा साफ नजर आया।

कार्यक्रम में बच्चों की मेहनत और उनकी प्रस्तुतियों को सोसाइटी के लोगों ने खूब सराहा। अभिभावकों के लिए भी यह पल खास रहा, जब उनके बच्चे मंच पर देश के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को अभिव्यक्त कर रहे थे।
स्वतंत्रता दिवस सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है। यह वो दिन है, जब हम उन लाखों ज्ञात-अज्ञात वीरों को याद करते हैं, जिनके संघर्ष और बलिदान की बदौलत देश ने आजादी की सुबह देखी।
आजादी के 80वें वर्ष में देश विकास और प्रगति की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। लेकिन इस सफर में आने वाली पीढ़ी की भूमिका सबसे अहम है। ऐसे आयोजन बच्चों को देश के इतिहास, संस्कृति और उन मूल्यों से जोड़ते हैं, जिनकी नींव पर हमारा लोकतंत्र खड़ा है।
