केदारनाथ धाम में अस्थाई व्यापारिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हटाए जाने की कार्रवाई के विरोध में चल रहा स्थानीय व्यापारियों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आखिरकार समाप्त हो गया है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के साथ हुई सफल वार्ता के बाद व्यापारियों ने अपना आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही केदारनाथ धाम में बंद पड़ा पूरा बाजार भी सुचारू रूप से खुल गया है।

व्यापारियों की ओर से जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र में केदारनाथ धाम में व्यापार संघ से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं का उल्लेख किया गया था। व्यापार संघ ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि केदारनाथ धाम में लंबे समय से स्थानीय व्यापारी अपनी दुकानों और व्यवसाय के माध्यम से आजीविका चला रहे हैं।
व्यापारियों ने अपने पत्र में कहा कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं और धाम की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में अपना योगदान देते रहेंगे। व्यापारियों का कहना था कि वे अपनी दुकानों के संचालन के दौरान इस बात का ध्यान रखेंगे कि केदारनाथ मंदिर के दर्शन में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

व्यापार संघ की ओर से यह भी कहा गया कि वर्तमान में जहां व्यापारी व्यवसाय कर रहे हैं, वहां से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए। व्यापारियों ने अपनी आजीविका से जुड़े विषयों को प्रशासन के समक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि वे नियमों और व्यवस्थाओं का पालन करते हुए अपना व्यवसाय संचालित करना चाहते हैं।
दरअसल, कुछ दिन पहले केदारनाथ धाम में स्थानीय प्रशासन की ओर से अस्थाई रूप से बनाए गए व्यापारिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी फैल गई थी और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। व्यापारियों का कहना था कि लंबे समय से इन प्रतिष्ठानों के माध्यम से कई परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।
विरोध के चलते केदारनाथ धाम में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और स्थानीय व्यापारियों ने सामूहिक रूप से अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए थे। इसके बाद प्रशासन और व्यापारियों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। कुछ समय तक स्थिति सामान्य रहने के बाद व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर फिर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था।
अब जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के साथ हुई वार्ता के बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त कर दिया है। व्यापारियों की ओर से प्रशासन के साथ सहयोग करने पर सहमति जताई गई है। इसके साथ ही केदारनाथ धाम का बाजार भी दोबारा खुल गया है और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से शुरू हो गई हैं।
