केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के साथ खेत में धान की रोपाई की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद किया और कृषि को अनुभव के माध्यम से सीखने पर जोर दिया।
शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को स्नेहपूर्वक अपना “भांजे-भांजियां” बताते हुए उनके साथ धान की रोपाई की। उन्होंने कहा कि खेती केवल पुस्तकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसे खेत में उतरकर अनुभव के साथ समझना और जीना पड़ता है।
इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ पौधारोपण भी किया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि भी है और दिव्य भूमि भी। यहाँ की पावन भूमि के कण-कण में तीर्थ है, शिला-शिला में शिव है, हर धारा में गंगा है और हर पर्वत में युगों- युगों की तपस्या है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि मंत्रालय केवल दफ्तरों से नहीं चलता, खेतों से चलता है। आज विद्यार्थियों से संवाद करते हुए भारतीय कृषि के उज्ज्वल भविष्य से मुलाकात हुई।
इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने पंतनगर यूनिवर्सिटी की तारीफ की। कहा…पंतनगर केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, एक विचार है। यह वह विचार है, जो कहता है कि ज्ञान का उद्देश्य समाज की सेवा है। यह वह विचार है, जो कहता है कि विज्ञान का उद्देश्य मानवता का कल्याण है। यह वह विचार है, जो कहता है कि कृषि केवल व्यवसाय नहीं, राष्ट्रनिर्माण का आधार है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब बागवानी का भी प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण और रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराने के लिए मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। साथ ही, चौबटिया (अल्मोड़ा) में भारत-नीदरलैंड सहयोग से ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किया जाएगा।
