देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की बैठक की। बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन की स्थिति, रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रवासी पंचायतों, पलायन निवारण एवं स्वरोजगार जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाने और लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए संचालित योजनाओं की स्थिति पर भी जानकारी ली गई। बैठक में स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर पर्वतीय क्षेत्रों से होने वाले पलायन को कम करने और रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक प्रक्रियाओं और जटिलताओं का सामना न करना पड़े, यह भी सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम धामी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी गांव स्तर तक सरलता से पहुंचनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को योजनाओं की जानकारी लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने और आवेदन समेत अन्य प्रक्रियाओं को सुगम बनाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
