चंपावत को ₹123.79 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जनपद को विकास की बड़ी सौगात देते हुए ₹123.79 करोड़ की लागत से 17 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सिटी सेंटर निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया और जिम कॉर्बेट ट्रेल का शुभारंभ कर क्षेत्र में पर्यटन और आधारभूत विकास को नई गति देने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है और चंपावत को आधुनिक सुविधाओं से सशक्त बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।
सिटी सेंटर निर्माण और जिम कॉर्बेट ट्रेल का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चंपावत में प्रस्तावित सिटी सेंटर निर्माण के लिए विधिवत भूमि पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने जिम कॉर्बेट ट्रेल का शुभारंभ करते हुए कहा कि इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।
सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सड़कें, भवन और अन्य आधारभूत ढांचे का निर्माण करना नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति को विकास की यात्रा का सहभागी बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पर्यटन और रोजगार जैसे सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित कर रही है, ताकि सीमांत क्षेत्रों के लोगों को भी समान अवसर मिल सकें।
विकसित चंपावत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित चंपावत, समृद्ध उत्तराखंड और आत्मनिर्भर सीमांत क्षेत्रों का संकल्प राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित की योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
विकास परियोजनाओं से क्षेत्र को होंगे कई लाभ
₹123.79 करोड़ की लागत से शुरू हुई इन परियोजनाओं से चंपावत में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही पर्यटन, व्यापार, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिलेगी।
