उत्तरकाशी जनपद के प्रवास के दूसरे दिन मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन गंगोत्री धाम पहुंचे, जहां उन्होंने मां गंगा और विश्वनाथ मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधिवत पूजा कर मां गंगा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने शक्ति मंदिर में भी दर्शन किए और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पूजा-अर्चना के बाद मुख्य सचिव ने गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं के लिए संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने गंगोत्री धाम में यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे। उन्होंने यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ बढ़ने की स्थिति में व्यवस्थाओं को प्रभावी तरीके से संचालित करना जरूरी है। मुख्य सचिव ने पेयजल की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा। उन्होंने मंदिर समिति और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में यातायात को नियंत्रित रखने तथा आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि के साथ सुविधाओं का विस्तार और निगरानी भी उसी अनुपात में जरूरी है। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से धरातलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने को भी कहा।
घाटों और मंदिर परिसर की स्वच्छता पर फोकस
गंगोत्री धाम में मुख्य सचिव ने घाटों और मंदिर परिसर के आसपास स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों पर नियमित साफ-सफाई होनी चाहिए और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। उन्होंने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों और मंदिर परिसर के आसपास कूड़ा एकत्र न होने दिया जाए और सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि गंगोत्री धाम धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है, इसलिए यहां स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। श्रद्धालुओं के दर्शन और स्नान के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को लगातार व्यवस्थाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मंदिर समिति और प्रशासन को मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य करने को कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए छोटी से छोटी व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने धाम क्षेत्र में सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की संख्या और परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जाए।
