देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेंस (USCPPGG) की शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों, चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण में शोध, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शोध एवं अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों का उपयोग राज्य की नीतियों और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में किया जाए। उन्होंने उत्तराखण्ड की उपलब्धियों और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर आधारित केस स्टडी तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, जनपद स्तर पर अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए उत्तराखण्ड की विशिष्ट परिस्थितियों और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य किया जाना आवश्यक है।
पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को कैपस्टोन प्रोजेक्ट के लिए मिलेगा स्टाइपेंड
बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिवर्ष 10 स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को कैपस्टोन परियोजना के लिए स्टाइपेंड प्रदान किए जाने पर सहमति बनी। इसके माध्यम से राज्य की प्राथमिकता वाले विषयों पर शोध और परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
शासी निकाय के सदस्यों ने उत्तराखण्ड के समग्र एवं दीर्घकालिक विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सदस्यों ने राज्य में हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम उत्पादों को बढ़ावा देने और एमएसएमई क्षेत्र पर विशेष फोकस करने पर जोर दिया।
पर्वतीय क्षेत्रों में होम टूरिज्म को बढ़ावा देने का सुझाव भी दिया गया। सदस्यों ने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
आठ प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर होगा अध्ययन
बैठक में राज्य के भावी विकास से जुड़े आठ प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर विस्तृत शोध एवं अध्ययन कराने का सुझाव दिया गया। इसका उद्देश्य भविष्य की योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए बेहतर रणनीति तैयार करना है।
लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वार्षिक मॉनिटरिंग के लक्ष्य निर्धारित करने और योजनाओं एवं कार्यों का नियमित मूल्यांकन करने पर भी जोर दिया गया। नीतियों का समय-समय पर परीक्षण कर उनकी प्रभावशीलता का आकलन करने का सुझाव दिया गया।
विकसित उत्तराखण्ड-2047 की रणनीति पर चर्चा
बैठक में विकसित उत्तराखण्ड-2047 की दिशा में राज्य की भावी विकास रणनीति पर भी चर्चा हुई। इसमें आर्थिक विकास एवं रोजगार, मानव संसाधन एवं कल्याण, वन, जैव विविधता एवं जलवायु अनुकूलन, अवस्थापना विकास, स्थानीय स्वशासन एवं क्षेत्रीय विकास तथा तकनीक आधारित सुशासन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में USCPPGG और UNDP के सहयोग से सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। SDGs के स्थानीयकरण एवं मॉनिटरिंग, नीति मूल्यांकन तथा राज्य की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर नीतिगत अध्ययन को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
