ऋषिकेश में 'सेवा, सुशासन एवं समर्पण' कार्यक्रम:
ऋषिकेश। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल ग्राउंड में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर दोनों ने देहरादून जनपद की ₹219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्यपाल ने इस अभियान को लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक सफलता तभी है, जब सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।
मुख्यमंत्री के पांच वर्ष पूरे होने पर राज्यपाल ने दी बधाई
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष से अधिक समय तक दायित्व निभाने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और विकास की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनमें समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान और प्रभावी भू-कानून प्रमुख हैं।
महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि राज्य के विकास में महिलाओं, युवाओं, किसानों और सीमांत क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे नवाचार आधारित क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान भी किया।
पर्यटन, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर से मिली नई पहचान
राज्यपाल ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम पुनर्विकास परियोजनाएं, होमस्टे योजना का विस्तार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों और आधारभूत संरचना परियोजनाओं ने उत्तराखंड को निवेश और विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन का भी उल्लेख किया कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा”, और कहा कि सेवा, सुशासन एवं जनभागीदारी के माध्यम से इस संकल्प को साकार किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री बोले- सरकार के लिए आत्ममंथन और जनसेवा का अवसर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज से पांच वर्ष पहले उन्हें देवभूमि उत्तराखंड की सेवा का अवसर मिला था और तब से उनकी सरकार जनसेवा, सुशासन और समर्पण की भावना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए यह अवसर उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन करने और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक मजबूती से निभाने का है।
2.65 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, नारी सशक्तिकरण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। साथ ही राज्य में निवेश, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है।
