देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेशभर में एक बार फिर ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरू करने जा रही है। आगामी 15 दिनों तक राज्य के सभी ब्लॉक एवं न्याय पंचायत स्तर पर विशेष जनसेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
एक ही स्थान पर मिलेंगी कई सरकारी सेवाएं
सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं को सीधे पहुंचाना है। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और मौके पर ही पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ, प्रमाण पत्र, आवेदन संबंधी सहायता तथा शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है।
पहले चरण में 5 लाख से अधिक लोगों को मिला था लाभ
सरकार के अनुसार, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर के 5 लाख से अधिक नागरिकों ने इन शिविरों का लाभ उठाया था। बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने जनता का जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक के रूप में अपने पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर ऋषिकेश में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण – जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ (सेवा पखवाड़ा) कार्यक्रम में मिले जनसमर्थन के लिए प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का आत्मीय स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। यही विश्वास उन्हें उत्तराखंड के हित में साहसिक निर्णय लेने और दिन-रात प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है।
जनता तक सरकार पहुंचाने की पहल
राज्य सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य ‘सरकार आपके द्वार’ की अवधारणा को मजबूत करना है, ताकि प्रत्येक नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी परेशानी के मिल सके। आने वाले 15 दिनों में प्रदेश के सभी ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाएगा।
