
रुद्रप्रयाग में चारधाम सड़क परियोजना के अंतर्गत निर्मित पुल और सुरंग परियोजना का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली तथा कहा कि जल्द ही इसका विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।
लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना में अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग बनाई गई है। पुल, सुरंग और संपर्क मार्ग सहित इसकी कुल लंबाई लगभग 1.18 किलोमीटर है। यह मार्ग केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग NH-107 को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग NH-07 से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। फिलहाल सुरंग मार्ग पर ट्रायल के आधार पर आवागमन शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर सड़क संपर्क और आधुनिक अवसंरचना से यात्रियों की सुविधा के साथ स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी लाभ मिल सकता है। इस परियोजना को रुद्रप्रयाग में यातायात प्रबंधन बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर भूस्खलन सुरक्षा कार्यों की समीक्षा
पुल-सुरंग परियोजना के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे ढलान सुरक्षा और स्थिरीकरण कार्यों की जानकारी भी ली। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी वर्षा, कमजोर ढलानों और चट्टानों के खिसकने से सड़क संपर्क प्रभावित होने का जोखिम बना रहता है। ऐसे में ढलानों को स्थिर करने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपाय विकसित करने से यात्रा मार्ग की सुरक्षा बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। चारधाम यात्रा के दौरान सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण मार्गों का सुरक्षित और सुचारु संचालन विशेष महत्व रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सड़क अवसंरचना के विकास के साथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना भी आवश्यक है। रुद्रप्रयाग में पुल और सुरंग के माध्यम से यातायात का वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से स्थानीय बाजार क्षेत्र पर दबाव कम करने की संभावना है।
