
रविवार को उन्होंने अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में इस बात की घोषणा की। प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि वह पुराने आंदोलनकारी रहे हैं और उन्होंने राज्य आंदोलन में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विदित हो कि पर्वतीय लोगों के खिलाफ बयान देने के बाद से उनको मंत्री पद से हटाए जाने की मांग हो रही थी।
