
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार स्थित गंगा तट के मेला नियंत्रण भवन में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल को सेवा सुशासन संकल्प समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रतीक बताया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड में हुए विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी पहलों की सराहना की गई। मंत्रिमंडल ने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री को इस महत्वपूर्ण अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। बैठक में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन की यात्रा और देश के विकास में उनके योगदान का उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पारित इस प्रस्ताव में जनकल्याण और राष्ट्र की प्रगति को शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया गया।
सेवा सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख
धन्यवाद प्रस्ताव में उल्लेख किया गया कि नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्षों की इस यात्रा में देशहित और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई। प्रस्ताव में जनधन योजना प्रधानमंत्री आवास योजना आयुष्मान भारत स्वच्छ भारत मिशन जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का उल्लेख किया गया। इन योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों तक लाभ पहुंचने की बात कही गई। डिजिटल इंडिया प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और यूपीआई जैसी पहलों को नागरिक सुविधाओं को आसान बनाने तथा शासन में पारदर्शिता बढ़ाने वाला बताया गया। मंत्रिमंडल ने बुनियादी ढांचे विज्ञान प्रौद्योगिकी और रक्षा क्षेत्र में हुए कार्यों की भी सराहना की। प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 से संबंधित निर्णय वन रैंक वन पेंशन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित करने जैसे कदमों का उल्लेख किया गया।
उत्तराखंड में आपदा के समय केंद्र के सहयोग का उल्लेख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में पारित धन्यवाद प्रस्ताव में उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रधानमंत्री के सहयोग और मार्गदर्शन का विशेष उल्लेख किया गया। प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश में बड़ी आपदाओं के समय प्रधानमंत्री ने परिस्थितियों की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नवंबर 2023 में सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान केंद्र की सहायता का उल्लेख किया गया। वर्ष 2024 में सहस्त्रताल और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आई आपदाओं के दौरान केंद्र सरकार और भारतीय वायुसेना के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया। अगस्त 2025 में उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई आपदा के दौरान सहायता के भरोसे का उल्लेख किया गया। मंत्रिमंडल ने इन घटनाओं को संकट के समय केंद्र और राज्य के सहयोग के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
दिल्ली देहरादून आर्थिक गलियारे से कनेक्टिविटी को बढ़ावा
धन्यवाद प्रस्ताव में दिल्ली देहरादून आर्थिक गलियारे का भी उल्लेख किया गया जिसका लोकार्पण 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की बात कही गई है। प्रस्ताव के अनुसार लगभग 213 किलोमीटर लंबे इस गलियारे से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय छह घंटे से अधिक से घटकर लगभग ढाई घंटे रह गया है। बेहतर कनेक्टिविटी से उत्तराखंड में पर्यटन व्यापार उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। राज्य सरकार के अनुसार बुनियादी ढांचे का विकास प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने और विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंच बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कैबिनेट बैठक में पारित धन्यवाद प्रस्ताव के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों और उत्तराखंड को मिले सहयोग की सराहना की गई।
