
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता धामी के साथ करवा चौथ का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और इस पर्व के सांस्कृतिक एवं पारिवारिक महत्व को साझा किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करवाचौथ भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, अटूट विश्वास, समर्पण और आपसी सम्मान की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में विभिन्न त्योहार और पर्व पारिवारिक रिश्तों को मजबूत बनाने के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और आपसी विश्वास को बढ़ावा देने का कार्य करते हैं। करवा चौथ भी ऐसा ही एक विशेष पर्व है, जो परिवार और रिश्तों के महत्व को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ईश्वर से प्रदेश के सभी परिवारों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक परंपराएं समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती हैं और त्योहारों के माध्यम से परिवारों में आपसी जुड़ाव और प्रेम की भावना और मजबूत होती है।
भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है करवा चौथ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि करवा चौथ का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व प्रेम, विश्वास, समर्पण और पारिवारिक एकजुटता की भावना को प्रदर्शित करता है। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाने वाला यह त्योहार परिवारों को एक साथ जोड़ने और रिश्तों में आत्मीयता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने का माध्यम भी हैं।
