
देहरादून: देहरादून में गोरखा समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पर्वतीय विरासत की झलक गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2026 में देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महोत्सव में सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को दशैं और दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोरखा समाज की ओर से मुख्यमंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाजों और आत्मीयता के साथ स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
मुख्यमंत्री ने समाज की ओर से मिले स्नेह और सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज ने जिस आत्मीयता और भव्यता के साथ उनका स्वागत किया, उससे उनका हृदय अभिभूत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पर्व और परंपराएं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के अभिन्न अंग हैं। ये न केवल लोकसंस्कृति को संरक्षित रखते हैं, बल्कि समाज में आपसी स्नेह, एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।
गोरखा समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव
गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव गोरखा समाज की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और सामाजिक एकजुटता को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। दशैं और दीपावली गोरखा समुदाय के प्रमुख पर्वों में शामिल हैं, जिन्हें पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ मनाया जाता है। ऐसे आयोजन समाज की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्व और त्योहार केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाने का माध्यम भी हैं। उन्होंने गोरखा समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने के प्रयासों की सराहना की।
संस्कृति, परंपराओं और विरासत के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराओं और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उत्तराखंड विभिन्न लोकसंस्कृतियों, भाषाओं, रीति-रिवाजों और पारंपरिक पर्वों की भूमि है। यहां अलग-अलग समुदाय अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के साथ सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। गोरखा समाज की परंपराएं भी प्रदेश की इस सांस्कृतिक विविधता का अहम हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
पर्व और परंपराएं समाज में एकता और भाईचारे का आधार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे पारंपरिक पर्व समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। दशैं और दीपावली जैसे त्योहार परिवारों और समुदायों को एक साथ आने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण होने के साथ सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा मिलता है। देहरादून में आयोजित गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2026 इसी सांस्कृतिक जुड़ाव और सामुदायिक एकता का प्रतीक बना। मुख्यमंत्री ने महोत्सव में शामिल लोगों को शुभकामनाएं देते हुए गोरखा समाज के प्रति आभार व्यक्त किया।
