
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्रनगर में 50वें सिद्धपीठ कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया। मेले की स्वर्ण जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन किया और विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं और स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि और मेले की स्वर्ण जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
धार्मिक आस्था और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मेले का शुभारंभ होना सुखद संयोग है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का उल्लेख करते हुए उन्होंने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्याओं को मां भगवती का स्वरूप माना गया है। कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और क्षेत्रीय परंपराओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे आयोजन स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और क्षेत्र की पहचान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
धार्मिक स्थलों के विकास और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संवर्धन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों में सुविधाओं के विस्तार की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून और नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
टिहरी झील के आसपास पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने टिहरी जिले में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। झील क्षेत्र में जलक्रीड़ा, साहसिक पर्यटन और होमस्टे को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें। टिहरी झील और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की संभावनाएं रखता है। पर्यटन के साथ स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है, ताकि क्षेत्र का विकास दीर्घकालिक और जिम्मेदार तरीके से हो सके।
नरेंद्रनगर और आसपास के क्षेत्रों में विकास परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने नरेंद्रनगर क्षेत्र में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय और सभागार निर्माण जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने गजा अस्पताल के उच्चीकरण तथा लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना की जानकारी भी दी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना है। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों से नरेंद्रनगर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने तथा क्षेत्रीय विकास को गति देने की संभावनाएं बन सकती हैं।
