देहरादून चिड़ियाघर में कदम रखते ही पर्यटकों का सामना सिर्फ बाघ, तेंदुए और भालुओं से नहीं होता, बल्कि यहां एक ऐसी रहस्यमयी दुनिया भी मौजूद है, जो रोमांच और डर दोनों का एहसास कराती है। यह है देहरादून जू का सर्प गृह, जहां भारत के सबसे खतरनाक जहरीले सांपों से लेकर दुनिया के सबसे लंबे सांपों में शामिल अजगर तक मौजूद हैं।
सांपों की रहस्यमयी दुनिया
धरती पर सांपों का अस्तित्व करोड़ों वर्षों पुराना माना जाता है। दुनिया में सांपों की हजारों प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन भारत उन देशों में शामिल है जहां सांपों की विविधता बेहद समृद्ध है।
देहरादून जू का सर्प गृह इन्हीं जीवों की अनोखी दुनिया को करीब से देखने का मौका देता है। यहां हर बाड़ा एक अलग कहानी कहता है। कहीं शांत दिखने वाला सांप छिपा बैठा है, तो कहीं विशाल अजगर अपनी कुंडली में सिमटा नजर आता है।

भारतीय नाग (Indian Cobra)
भारतीय नाग को भारत का सबसे प्रसिद्ध सांप माना जाता है। फन फैलाकर खड़े होने की इसकी मुद्रा सदियों से लोगों के आकर्षण और भय का कारण रही है। नाग का जहर सीधे इंसान के तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है। समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। यही वजह है कि इसे भारत के सबसे खतरनाक सांपों में गिना जाता है।

कॉमन क्रेट (Common Krait)
अगर किसी सांप को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाए तो वह कॉमन क्रेट है। यह ज्यादातर रात में सक्रिय रहता है। कई मामलों में इसका काटना दर्दरहित होता है, जिससे पीड़ित को खतरे का अंदाजा तक नहीं होता। लेकिन इसका न्यूरोटॉक्सिक जहर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में होने वाली कई सर्पदंश मौतों के पीछे क्रेट जिम्मेदार होता है।

रसेल वाइपर (Russell’s Viper)
रसेल वाइपर का नाम सुनते ही वन्यजीव विशेषज्ञ भी सतर्क हो जाते हैं। इसके शरीर पर बने बड़े-बड़े गोल धब्बे इसकी पहचान हैं। यह सांप बेहद तेज और आक्रामक माना जाता है। इसका जहर रक्त प्रणाली पर असर डालता है और गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। भारत में सर्पदंश से होने वाली मौतों में इसका योगदान काफी अधिक माना जाता है।

कॉमन सैंड बोआ
सर्प गृह में मौजूद कॉमन सैंड बोआ देखने में भले साधारण लगे, लेकिन इसकी जीवनशैली बेहद रोचक है। यह अधिकतर समय मिट्टी और रेत के भीतर छिपकर बिताता है। विषहीन होने के बावजूद यह अपने शिकार को पकड़ने में माहिर होता है। ग्रामीण इलाकों में इसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं, लेकिन वास्तव में यह इंसानों के लिए खतरनाक नहीं माना जाता।

सॉ-स्केल्ड वाइपर (Saw-Scaled Viper)
आकार में छोटा लेकिन खतरनाक बेहद। यह सांप अपने शरीर की खुरदुरी शल्कों को आपस में रगड़कर चेतावनी जैसी आवाज पैदा करता है। यही इसकी पहचान भी है। रेगिस्तानी और शुष्क इलाकों में पाए जाने वाला यह सांप बेहद जहरीला माना जाता है।

विशाल अजगर का संसार
सर्प गृह का सबसे आकर्षक हिस्सा है रेटिकुलेटेड पाइथन यानी विशाल अजगर। जानकारी पट्टिका के अनुसार यह दुनिया के सबसे लंबे सांपों में से एक है। इसकी लंबाई 20 से 25 फीट या उससे भी अधिक हो सकती है। हालांकि यह विषहीन होता है, लेकिन इसकी ताकत किसी भी शिकारी से कम नहीं होती।
अजगर अपने शिकार को काटकर नहीं मारता, बल्कि अपने शक्तिशाली शरीर की कुंडलियों में जकड़ लेता है। धीरे-धीरे शिकार का दम घुटने लगता है और फिर वह उसे पूरा निगल जाता है। एक वयस्क अजगर का वजन 90 किलोग्राम तक पहुंच सकता है।

इगुआना भी बढ़ा रहा रोमांच
सिर्फ सांप ही नहीं, यहां इगुआना (Iguana) जैसी विदेशी छिपकली प्रजाति भी मौजूद है। इगुआना अपनी बड़ी काया और अनोखे रंग-रूप के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह मध्य और दक्षिण अमेरिका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
देहरादून जू का यह सर्प गृह केवल मनोरंजन का केंद्र नहीं है, बल्कि लोगों को सांपों के बारे में जागरूक भी करता है। यहां सांपों की प्रजाति, उनका वैज्ञानिक नाम, विषैले या विषहीन होने की जानकारी, निवास स्थान और व्यवहार जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदर्शित की गई हैं। इससे लोगों में सांपों के प्रति फैली गलत धारणाएं भी दूर होती हैं।
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