
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में अक्टूबर 2026 का विधानसभा सत्र शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शुरू हुए इस सत्र के साथ पहली बार एक ही वर्ष में गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित होने का नया अध्याय जुड़ा है। इससे पहले मार्च 2026 में भराड़ीसैंण में बजट सत्र आयोजित किया गया था। गैरसैंण में विधानसभा की कार्यवाही आयोजित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। तब यहां पहली बार तीन दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित किया गया था। इसके बाद वर्ष 2015 और 2016 में दो-दो दिन तथा वर्ष 2017 में दो दिवसीय सत्र हुआ। वर्ष 2018 में विधानसभा की कार्यवाही छह दिन तक चली, जबकि वर्ष 2019 में यहां कोई सत्र आयोजित नहीं हुआ। वर्ष 2020 में पांच दिवसीय सत्र आयोजित किया गया और वर्ष 2021 में एक से छह मार्च तक छह दिवसीय बजट सत्र चला। वर्ष 2022 में गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित नहीं हुआ। इसके बाद वर्ष 2023 में चार दिन और वर्ष 2024 में तीन दिवसीय सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2025 में यहां बजट सत्र और मानसून सत्र आयोजित किए गए। अब वर्ष 2026 में मार्च के बजट सत्र के बाद अक्टूबर में दूसरी बार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई है। गैरसैंण में सत्रों का यह क्रम राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में इसकी भूमिका और राजनीतिक महत्व को रेखांकित करता है।
विधानसभा गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में CM धामी नेअनुपूरक बजट प्रस्तुत किया
उत्तराखंड सरकार ने विधानसभा में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें राजस्व मद के लिए 3,679.86 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद के लिए 4,164.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना, कुंभ मेले के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, ग्रामीण विकास और खेल समेत कई क्षेत्रों के लिए धनराशि रखी गई है। ग्रामीण, शहरी और स्थानीय निकायों को राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप 721 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। अन्नपूर्ति योजना के तहत धान और गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये तथा अवस्थापना विकास के लिए 500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जल जीवन मिशन में ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ और कुंभ मेले में अवस्थापना विकास कार्यों के लिए 290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा में डिजिटल लर्निंग के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
गैरसैंण में विधानसभा सत्रों का वर्षवार इतिहास
गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने का सिलसिला वर्ष 2014 में शुरू हुआ। शुरुआती वर्षों में यहां छोटे सत्र आयोजित किए गए, जबकि वर्ष 2018 और 2021 में अपेक्षाकृत लंबे सत्र हुए। कुछ वर्षों में सत्र आयोजित नहीं किए गए, जिससे गैरसैंण में विधानसभा की गतिविधियां नियमित अंतराल पर चलती रहीं। वर्ष 2025 में यहां बजट और मानसून सत्र आयोजित किए गए। वर्ष 2026 में मार्च और अक्टूबर में सत्र आयोजित होने से एक वर्ष में दो सत्रों का नया रिकॉर्ड बना है।
भराड़ीसैंण में विधानसभा की कार्यवाही पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, विकास की जरूरतों और स्थानीय जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर प्रदान करती है। हालांकि, किसी सत्र की अवधि और उसकी उपलब्धियों का आकलन अलग-अलग आधारों पर किया जाना चाहिए। गैरसैंण में विधानसभा की निरंतरता राज्य की राजधानी व्यवस्था और पर्वतीय क्षेत्रों के प्रति प्रशासनिक पहुंच से जुड़ी बहस में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
