
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में आयुष विभाग के 271 तथा कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारियों सहित कुल 332 नव नियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे सेवाभाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है और इसके साथ ही जनसेवा की एक नई जिम्मेदारी भी शुरू होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नव नियुक्त कार्मिक सरकारी सेवा को केवल नौकरी के रूप में न देखें, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना से जुड़े कार्मिकों की भूमिका सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाला प्रत्येक व्यक्ति उम्मीद लेकर आता है और कार्मिकों का सही निर्णय तथा ईमानदार प्रयास जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने नकल माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है और सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को मॉडल आयुष प्रदेश और ग्लोबल वेलनेस हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी सरकार लगातार काम कर रही है। प्रदेश के सभी जनपदों में आयुष सेवाओं का विस्तार, पंचकर्म सेवाओं का आधुनिकीकरण और आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्रों की स्थापना की जा रही है।

पारदर्शी भर्ती व्यवस्था पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी भर्तियों को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। नकल माफिया पर कठोर कार्रवाई और नकल विरोधी कानून के कारण युवाओं को अपनी मेहनत एवं योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में अवसर मिलने का रास्ता मजबूत हुआ है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने को उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।
उत्तराखण्ड को आयुष और वेलनेस हब बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान योग, आयुर्वेद और औषधीय जड़ी-बूटियों की समृद्ध परंपरा से भी जुड़ी हुई है। सरकार प्रदेश को मॉडल आयुष प्रदेश और ग्लोबल वेलनेस हब के रूप में विकसित करने के लिए काम कर रही है। आयुष सेवाओं का विस्तार करने के साथ पंचकर्म सेवाओं को आधुनिक बनाया जा रहा है और आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
ई-संजीवनी के माध्यम से लोगों को घर बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ‘आयुष सेतु पोर्टल’ को भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और अधिक सुलभ बनाने की महत्वपूर्ण पहल बताया।
