मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के आंगनबाड़ी केंद्र गोसीकुआ भुड़ाई में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं तथा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रियों से आत्मीय संवाद किया और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी ली। आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्ने बच्चों से बातचीत की और उन्हें अपने हाथों से भोजन परोसा। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर समय बिताया और उनके मन की बातें भी जानीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोदभराई रस्म में प्रतिभाग कर गर्भवती महिलाओं को आशीर्वाद दिया तथा 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार सामग्री की किट वितरित की। इसके साथ ही 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने 05 नन्हे बच्चों का अपने हाथों से अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। कार्यक्रम के दौरान 09 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 02 आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ सेवा, स्नेह और संवाद को प्रत्येक व्यक्ति और हर घर तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ पोषण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य, संस्कार, प्रारंभिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास की नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए उनके सेवा भाव, समर्पण और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को प्रेरणादायी बताया
बच्चों के पोषण और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर उनकी सेवाएं समाज के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला मजबूत करती हैं।
सेवा, स्नेह और संवाद का माध्यम बना ‘आंगन मिलन’
‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम के माध्यम से सरकार का उद्देश्य योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके साथ सीधा संवाद स्थापित करना भी है। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और माताओं की जरूरतों को समझने तथा सरकारी सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

